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Chicken mughlai biryani
चिकन मोगलाइ बिरयानी
मुग़ल काल की शानदार , प्रसिद्ध चिकन बिरयानी का स्वाद जो आज भी बरकरार है
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बिरयानी का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। सुगंधित भारतीय बासमती चावल और मसालों की खुशबू और चिकन के साथ बनाई गई यह डिश पूरे भारत में बेहद लोकप्रिय है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चिकन बिरयानी की जड़ें मुग़ल काल से जुड़ी हुई हैं? मुग़ल सम्राटों के शाही दस्तरख़ान से निकलकर यह व्यंजन आम जनता तक पहुंची और आज भी यह लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। इस ब्लॉग में हम चिकन बिरयानी के ऐतिहासिक सफर, उसके स्वाद और उसकी लोकप्रियता पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
चिकन बिरयानी का ऐतिहासिक सफर
बिरयानी का इतिहास भारत में मुग़ल शासन के साथ जुड़ा हुआ है। ऐसा माना जाता है कि बिरयानी की उत्पत्ति फ़ारस (वर्तमान ईरान) में हुई थी और इसे भारत में मुग़ल सम्राटों ने लाया।
1. फ़ारसी मूल:
"बिरयानी" शब्द फ़ारसी भाषा के "बिरियान" से लिया गया है, जिसका अर्थ है "भुना हुआ" या "तला हुआ"। यह डिश पहले केवल शाही परिवारों और नवाबों के लिए बनाई जाती थी।
2. भारत में आगमन:
मुग़ल सम्राट बाबर जब भारत आए, तब उन्होंने अपने साथ कई तरह की फ़ारसी और मध्य एशियाई व्यंजन भी लाए। कहा जाता है कि बाबर और उनके सेनापति युद्ध के दौरान सैनिकों के लिए एक पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन की तलाश में थे, जिससे उनका पेट भी भरे और उन्हें ऊर्जा भी मिले। यही सोचकर चावल, मांस और मसालों से तैयार एक विशेष व्यंजन बनाया गया, जिसे बाद में "बिरयानी" कहा गया।
3. अकबर और जहांगीर के दौर में लोकप्रियता:
अकबर के शासनकाल में बिरयानी को और अधिक शाही रूप दिया गया। तरह तरह कि स्वाद से भरपूर बिरयानी बनने लगी इस समय, इसे अलग-अलग स्वाद और मसालों के साथ तैयार किया जाने लगा। जहांगीर और शाहजहाँ के समय तक यह व्यंजन मुग़ल रसोई का मुख्य हिस्सा बन चुकी थी।
मुग़ल काल में चिकन बिरयानी का अनूठा स्वाद
मुग़ल काल में बिरयानी केवल भोजन नहीं थी, बल्कि यह शाही रसोई की प्रतिष्ठा का प्रतीक थी। तब इसे विशेष रूप से तैयार किया जाता था, जिसमें निम्नलिखित तत्वों का विशेष योगदान था:
1. सुगंधित बासमती चावल
मुग़ल रसोई में खासतौर पर लंबे और सुगंधित बासमती चावल का इस्तेमाल किया जाता था। इसका स्वाद और सुगंध बिरयानी को और भी खास बना देती थी।
2. देशी घी और मसालों का मिश्रण
मुग़ल बिरयानी में मसालों का विशेष ध्यान रखा जाता था। केसर, जायफल, जावित्री, इलायची, दालचीनी, लौंग और तेजपत्ता जैसे मसालों का प्रयोग किया जाता था। ये सभी मसाले न केवल स्वाद बढ़ाते थे, बल्कि पाचन के लिए भी लाभदायक होते थे।
3. खास तरीके से तैयार किया गया चिकन
तब चिकन को खासतौर पर दही और मसालों में लंबे समय तक मेरिनेट किया जाता था, जिससे वह बेहद नरम और रसीला बनता था। इसे धीमी आंच पर पकाया जाता था ताकि मसाले उसमें अच्छी तरह से समा जाएं।
4. दम पद्धति का उपयोग
मुग़ल बिरयानी बनाने की सबसे खास विधि "दम पद्धति" थी। इसमें चिकन और चावल को एक बड़े बर्तन में रखा जाता था और उसे आटे की लोई से सील कर दिया जाता था। इसके बाद इसे धीमी आंच पर पकाया जाता था, जिससे बिरयानी में सभी मसालों का स्वाद पूरी तरह से घुल जाता था।
आज भी क्यों बरकरार है चिकन बिरयानी का क्रेज?
1. हर वर्ग की पसंद
मुग़ल काल में शाही भोजन मानी जाने वाली बिरयानी आज आम लोगों की पसंद बन चुकी है। चाहे शादी हो, त्योहार हो या कोई खास मौका, बिरयानी हर जगह मौजूद रहती है।
2. विभिन्न राज्यों में अलग-अलग फ्लेवर
भारत में चिकन बिरयानी को अलग-अलग तरीकों से बनाया जाता है। कुछ प्रसिद्ध बिरयानी प्रकार हैं:
हैदराबादी बिरयानी – इसमें केसर और मसालों का ज्यादा उपयोग होता है।
लखनऊई (अवधी) बिरयानी – इसे पारंपरिक दम पद्धति से पकाया जाता है।
कोलकाता बिरयानी – इसमें आलू का भी उपयोग किया जाता है।
मालाबारी बिरयानी – इसमें दक्षिण भारतीय मसालों का विशेष स्वाद होता है।
दिल्ली मुग़लई बिरयानी – यह पूरी तरह से शाही अंदाज में बनाई जाती है।
3. स्ट्रीट फूड से लेकर फाइव-स्टार होटलों तक उपलब्ध
आज चिकन बिरयानी छोटे ढाबों से लेकर बड़े होटलों तक हर जगह मिलती है। इसका स्वाद और लोकप्रियता हर जगह समान रूप से बनी हुई है।
4. हेल्दी और पौष्टिक भोजन
चिकन बिरयानी में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जिससे यह स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है।
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कैसे बनाएं मुग़लई चिकन बिरयानी?
अगर आप घर पर शाही अंदाज में चिकन बिरयानी बनाना चाहते हैं, तो यह तरीका अपनाएं:
सामग्री:
बासमती चावल – 2 कप
चिकन – 500 ग्राम
दही – 1 कप
प्याज – 2 (बारीक कटी हुई)
टमाटर – 1 (कटा हुआ)
हरी मिर्च – 2
अदरक-लहसुन पेस्ट – 2 चम्मच
केसर – 1 चुटकी (गुनगुने दूध में घुला हुआ)
गरम मसाला – 1 चम्मच
तेजपत्ता, दालचीनी, लौंग, इलायची – 2-2
धनिया और पुदीना पत्ती – गार्निश के लिए
देसी घी – 2 चम्मच
नमक – स्वादानुसार
विधि:
1. चिकन को दही, अदरक-लहसुन पेस्ट, हल्दी, मिर्च पाउडर और नमक में 1 घंटे तक मेरिनेट करें।
2. एक बड़े बर्तन में घी गरम करें, उसमें प्याज डालकर भूनें। जब प्याज सुनहरा हो जाए, तब टमाटर डालें।
3. मसाले और मेरिनेट किया हुआ चिकन डालकर धीमी आंच पर पकाएं।
4. दूसरी ओर चावल को 70% तक उबाल लें और छानकर अलग रखें।
5. अब एक बड़े बर्तन में पहले चिकन की परत, फिर चावल की परत लगाएं। ऊपर से केसर, गरम मसाला, धनिया और पुदीना डालें।
6. इसे आटे से सील करें और 20-25 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं।
7. तैयार बिरयानी को रायते और सलाद के साथ परोसें।
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निष्कर्ष
चिकन बिरयानी सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि मुग़ल काल से चली आ रही एक शानदार भारतीय विरासत है। इसके स्वाद, सुगंध और समृद्ध इतिहास ने इसे भारत का सबसे पसंदीदा भोजन बना दिया है। चाहे समय बदल गया हो, लेकिन बिरयानी का आकर्षण और स्वाद आज भी बरकरार है। अगली बार जब आप बिरयानी खाएं, तो इस ऐतिहासिक सफर को जरूर याद करें ।
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